Breaking News

दलित वोट बैंक पर सियासी घमासान, मायावती और चंद्रशेखर आज़ाद आमने-सामने, सरकार पर दलितों की सुरक्षा में विफल रहने का आरोप

– ललिता गौतम हत्याकांड से गरमाई यूपी की राजनीति
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ/मेरठ। मेरठ के चर्चित ललिता गौतम हत्याकांड ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। कानून-व्यवस्था के मुद्दे से शुरू हुआ यह मामला अब दलित वोट बैंक की राजनीति का केंद्र बन गया है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग के बीच प्रदेश में दलित राजनीति के दो प्रमुख चेहरे बसपा प्रमुख मायावती और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं।
घटना को लेकर राजनीतिक दल लगातार अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। मायावती ने प्रदेश सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं चंद्रशेखर आज़ाद ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय की लड़ाई लड़ने का भरोसा दिलाया और सरकार पर दलितों की सुरक्षा में विफल रहने का आरोप लगाया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला अब केवल एक आपराधिक घटना तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि आगामी चुनावों से पहले दलित समाज के बीच राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने की कोशिशों का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। दोनों नेताओं की सक्रियता ने दलित वोट बैंक को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।
उधर, प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। हालांकि विपक्ष लगातार सरकार को घेरने में जुटा है। ऐसे में ललिता गौतम हत्याकांड उत्तर प्रदेश की राजनीति में आने वाले दिनों में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।

Check Also

जगद्गुरु शंकराचार्य का रामपुर में भव्य स्वागत, गोसंरक्षण को लेकर सरकारों पर उठाए सवाल

वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार रामपुर। ऐतिहासिक 81 दिवसीय ‘गविष्ठि (गोरक्षार्थ धर्मयुद्ध)’ यात्रा के …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Live Updates COVID-19 CASES