वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने केंद्र की मोदी सरकार पर देश की पारंपरिक विदेश नीति को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री दबाव में आकर भारत की स्थापित विदेश नीति से हटकर भाजपा और अपनी निजी नीति को आगे बढ़ा रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि प्रभावित हो रही है।
प्रमोद तिवारी ने संसद में पश्चिम एशिया के हालात पर प्रधानमंत्री के बयान को निराशाजनक बताते हुए कहा कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व की हत्या पर भी सरकार की ओर से संवेदना व्यक्त नहीं की गई और न ही अमेरिका की कार्रवाई की आलोचना की गई। उन्होंने कहा कि इजराइल और लेबनान के बीच चल रहे संघर्ष तथा कथित नरसंहार जैसे मुद्दों पर भी प्रधानमंत्री की चुप्पी सवाल खड़े करती है। वहीं ईरान द्वारा अन्य देशों पर किए गए मिसाइल हमलों पर भी सरकार की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्रियों पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत की विदेश नीति को मजबूती और स्वतंत्रता के साथ आगे बढ़ाया, लेकिन वर्तमान सरकार उस परंपरा से भटकती नजर आ रही है। तिवारी ने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि आखिर किस कारण वे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर निष्पक्ष और स्पष्ट रुख नहीं अपना पा रहे हैं।इसके साथ ही उन्होंने महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी सरकार की नीयत और नीति पर सवाल उठाए। बढ़ती महंगाई को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा और कहा कि दाल, खाद्य तेल और अन्य जरूरी वस्तुओं के दामों में लगातार वृद्धि आम जनता के लिए चिंता का विषय है।