वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थापित राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केन्द्रों एवं सामुदायिक फल संरक्षण एवं प्रशिक्षण केन्द्रों पर युवक-युवतियों और कृषकों को खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशानुसार विभाग ने जिलों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप समय से प्रशिक्षण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
इन प्रशिक्षण केन्द्रों पर नवयुवकों, युवतियों तथा किसानों को फूड प्रोसेसिंग से जुड़ी विभिन्न तकनीकों, उत्पाद निर्माण, पैकेजिंग, संरक्षण और विपणन की जानकारी दी जा रही है, ताकि वे इस क्षेत्र में स्वरोजगार स्थापित कर अपनी आमदनी बढ़ा सकें। विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रशिक्षण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले प्रतिभागियों को रोजगार अथवा स्व-रोजगार से जोड़ने के प्रभावी प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिभागी खाद्य प्रसंस्करण के कार्यों को व्यावसायिक रूप से प्रारंभ कर सकेंगे। साथ ही वे अपनी स्वयं की यूनिट स्थापित कर शासन द्वारा उपलब्ध अनुदान एवं अन्य सुविधाओं का लाभ भी उठा सकेंगे।
विभाग ने आगरा, अलीगढ़, मेरठ, मुरादाबाद, बरेली, कानपुर, झांसी, प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या और गोरखपुर के राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केन्द्रों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित रोस्टर और लक्ष्यों के अनुसार समयबद्ध तरीके से प्रशिक्षण कार्य पूर्ण कराएं। इसी प्रकार मिर्जापुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, सहारनपुर और चित्रकूट धाम मंडलों के खाद्य प्रसंस्करण अधिकारियों तथा लखनऊ के फल संरक्षण अधिकारी को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान से ग्रामीण युवाओं और कृषकों को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे और प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को नई गति मिलेगी।