वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रविवार को राजभवन (जनभवन) में बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) विषय पर आधारित पुस्तक “साथी हाथ बढ़ाना – बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS): इमरजेंसी रिस्पॉन्स एंड लाइफ-सेविंग स्किल्स” का विमोचन किया। यह पुस्तक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) चिकित्सालय, लखनऊ के चीफ फार्मेसिस्ट एवं बेसिक लाइफ सपोर्ट प्रशिक्षक सुनील कुमार यादव द्वारा लिखी गई है। राज्यपाल ने इसे जनहित में तैयार किया गया महत्वपूर्ण प्रकाशन बताते हुए कहा कि यह आम लोगों में आपातकालीन चिकित्सा सहायता के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।
राज्यपाल ने कहा कि दुर्घटना, हृदयाघात अथवा अन्य आपात स्थितियों में समय पर दिया गया बेसिक लाइफ सपोर्ट किसी भी व्यक्ति का जीवन बचाने में निर्णायक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि समाज के अधिक से अधिक लोगों को प्राथमिक जीवनरक्षक तकनीकों का ज्ञान होना चाहिए, ताकि चिकित्सकीय सहायता मिलने से पहले जरूरतमंद व्यक्ति को तत्काल मदद उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने लेखक सुनील कुमार यादव को इस उपयोगी और जनकल्याणकारी पुस्तक के प्रकाशन पर बधाई देते हुए विश्वास जताया कि यह पुस्तक स्वास्थ्यकर्मियों, मेडिकल एवं पैरामेडिकल विद्यार्थियों के साथ-साथ आम नागरिकों के लिए भी मार्गदर्शक सिद्ध होगी।
राज्यपाल ने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता और प्रशिक्षण समाज को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने ऐसी पुस्तकों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इससे लोगों में सेवा और संवेदनशीलता की भावना भी विकसित होती है।
कार्यक्रम में पुस्तक के प्रकाशक अक्षय जैन, आयुष विभाग के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अवधेश द्विवेदी, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. महेश नाथ सिंह, अंकुर यादव तथा रविन्द्र यादव सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर जनभवन की लाइब्रेरी के लिए पुस्तक की 10 प्रतियां भेंट की गईं। साथ ही राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी, एडीसी, सीएसओ एवं अन्य अधिकारियों को भी पुस्तक की प्रतियां प्रदान की गईं।
उल्लेखनीय है कि “साथी हाथ बढ़ाना – बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS): इमरजेंसी रिस्पॉन्स एंड लाइफ-सेविंग स्किल्स” पुस्तक का उद्देश्य बेसिक लाइफ सपोर्ट, आपातकालीन प्रतिक्रिया और जीवनरक्षक तकनीकों को सरल, वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक रूप में आमजन तक पहुंचाना है, ताकि आपदा या आपात स्थिति में अधिक से अधिक लोगों की जान बचाई जा सके।