वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका को नई गति देने के उद्देश्य से विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम जी योजना उत्तर प्रदेश में एक जुलाई से लागू हो गई है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के स्थान पर लागू की गई इस नई व्यवस्था के तहत दो जुलाई को पूरे प्रदेश में राज्यव्यापी जन सम्मेलन और लॉन्च कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान 10 हजार विकास कार्यों का शुभारंभ भी होगा।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश पर ग्राम्य विकास विभाग ने सभी जिलों, विकासखंडों और ग्राम पंचायतों में योजना से जुड़े साइन बोर्ड और सूचना पट्टों को नई योजना के नाम से अपडेट करने के निर्देश पहले ही जारी कर दिए हैं। राज्य स्तरीय कार्यक्रम प्रयागराज स्थित मोतीलाल नेहरू इंजीनियरिंग कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित होगा, जिसमें उप मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
राष्ट्रीय स्तर पर योजना का शुभारंभ आंध्र प्रदेश के तिरुपति में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री की अध्यक्षता में होगा। इसके अनुरूप उत्तर प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड की दो ग्राम पंचायतों में जन सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों में विकास कार्यों का शुभारंभ, जनप्रतिनिधियों, श्रमिकों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही विकसित ग्राम पंचायत योजना का प्रदर्शन, योजना की प्रमुख विशेषताओं और 125 दिनों की रोजगार गारंटी संबंधी जानकारी भी दी जाएगी।
प्रदेश में दो जुलाई को शुरू होने वाले 10 हजार कार्यों में आजमगढ़ में 342, जौनपुर में 337, गाजीपुर में 326 और सीतापुर में 319 कार्य शामिल हैं। योजना का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार को सशक्त बनाने, आजीविका के अवसर बढ़ाने, विकसित ग्राम पंचायतों का निर्माण, पारदर्शी डिजिटल व्यवस्था और विकेंद्रीकृत विकास योजना को बढ़ावा देना है।
ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी ने सभी मुख्य विकास अधिकारियों और अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयकों को निर्देश दिए हैं कि जन सम्मेलन का सफल आयोजन सुनिश्चित किया जाए तथा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।