वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
दिल्ली-NCR। राजधानी दिल्ली और एनसीआर में शनिवार को भी मानसूनी बारिश का दौर जारी रहा। दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम के कई इलाकों में बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ। सड़कों पर पानी भरने से यातायात की रफ्तार धीमी हो गई और कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी। दिल्ली के आईटीओ चौराहे पर भी बारिश के कारण वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त के पहले सात दिनों में दिल्ली में 127 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। यह 2011 के बाद अगस्त के पहले सप्ताह में हुई सबसे अधिक बारिश बताई जा रही है। पिछले दो दशकों में इस अवधि के दौरान औसतन करीब 42 मिलीमीटर बारिश दर्ज होती रही है। इस बार बारिश ने औसत आंकड़े को काफी पीछे छोड़ दिया है। भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हुआ। पुष्प विहार में 147.5 मिलीमीटर और छतरपुर में 131 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई। पालम में भी 24 घंटे में अगस्त के लिहाज से कई वर्षों बाद बारिश का उच्चतम आंकड़ा दर्ज हुआ। लगातार बारिश से जल निकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।
उधर, भारी बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से पानी छोड़े जाने के बाद कालिंदी कुंज-ओखला बैराज के पास यमुना का जलस्तर करीब 202 मीटर पहुंच गया है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
गुरुग्राम में कांवड़ यात्रा को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने भारी वाहनों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। यह व्यवस्था नौ से 11 अगस्त तक लागू रहेगी। दिल्ली-गुरुग्राम से राजस्थान, झज्जर, रेवाड़ी, पटौदी, नूंह और फरीदाबाद की ओर जाने वाले भारी वाहनों को द्वारका एक्सप्रेसवे और केएमपी रोड का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। पुलिस ने वाहन चालकों से निर्धारित मार्ग अपनाने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है, ताकि कांवड़ियों और आम यात्रियों की आवाजाही सुचारु बनी रहे।