वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में इंटरमीडिएट के छात्रों को करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अब वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन मिलेगा। योगी सरकार की नई पहल के तहत हर महीने IAS, IPS और IFS अधिकारी स्कूलों में पहुंचकर छात्रों से सीधे संवाद करेंगे। इसका उद्देश्य Gen-Z यानी नई पीढ़ी को सही समय पर करियर की दिशा दिखाना और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना है।
अधिकारियों के साथ संवाद के दौरान छात्र अपनी जिज्ञासाओं और करियर से जुड़े सवालों के जवाब सीधे उनसे ले सकेंगे। अधिकारी सिविल सर्विसेज के अलावा मेडिकल, इंजीनियरिंग, सेना और अन्य क्षेत्रों में करियर की संभावनाओं के बारे में भी जानकारी देंगे। UPSC, UPPSC, UPSSSC, NDA, JEE, NEET और CUET जैसी परीक्षाओं की तैयारी की रणनीति, समय प्रबंधन और सीमित समय में प्रभावी अध्ययन के तरीके भी बताए जाएंगे। सरकार का मानना है कि सही मार्गदर्शन के अभाव में कई विद्यार्थी उपलब्ध अवसरों का लाभ नहीं उठा पाते। ऐसे में अधिकारियों के अनुभव छात्रों को विभिन्न क्षेत्रों में करियर विकल्प समझने और अपनी रुचि व क्षमता के अनुसार लक्ष्य तय करने में मदद करेंगे। संवाद के दौरान उच्च शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और स्टार्टअप से जुड़े अवसरों की जानकारी भी दी जाएगी।
योजना के संचालन के लिए जिलाधिकारी प्रत्येक माह अधिकारियों के स्कूल भ्रमण का कार्यक्रम तैयार करेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) स्कूलों और अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे। मंडलायुक्त पूरी व्यवस्था की समीक्षा करेंगे और योजना के क्रियान्वयन पर नजर रखेंगे। हर महीने की पांच तारीख तक पिछले माह की गतिविधियों की रिपोर्ट शासन को भेजना अनिवार्य किया गया है।
सरकार की इस पहल का मकसद छात्रों को प्रशासनिक अधिकारियों के अनुभवों से जोड़ना और करियर संबंधी भ्रम को दूर करना है। सीधे संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य के रोजगार अवसरों के लिए समय रहते तैयार करने का प्रयास किया जाएगा।