वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राजनीतिक समीकरण साधने की कवायद तेज हो गई है। लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने मंगलवार को दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। इससे पहले वह लखनऊ में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी मुलाकात कर चुके हैं। दोनों मुलाकातों के बाद लोकदल के इंडिया गठबंधन में शामिल होने और सीटों के तालमेल को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
लोकदल वही राजनीतिक संगठन है जिसकी स्थापना 1979 में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने की थी। समय के साथ पार्टी के कई हिस्से हुए और अलग-अलग राजनीतिक दल अस्तित्व में आए। राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) भी इसी राजनीतिक विरासत से निकला दल है। ऐसे में सुनील सिंह के नेतृत्व वाले लोकदल की सक्रियता को पश्चिमी यूपी की किसान और जाट राजनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है।
सुनील सिंह की अखिलेश यादव से सितंबर में दो मुलाकातें हो चुकी हैं। दोनों नेताओं के बीच 2027 विधानसभा चुनाव, सीट बंटवारे और गठबंधन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई है। लोकदल की ओर से गठबंधन में 35 सीटों पर दावा किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में लोकदल की भूमिका को लेकर चर्चाएं और बढ़ गई हैं। अलीगढ़, हापुड़ और आसपास के किसान बहुल क्षेत्रों में पार्टी को संभावित सीटें मिलने की अटकलें हैं। हालांकि सीटों का अंतिम बंटवारा अभी तय नहीं हुआ है। सुनील सिंह ने 2027 के चुनाव को लेकर गठबंधन के साथ आगे बढ़ने के संकेत दिए हैं।