वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
मुंबई। महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर विपक्षी दलों ने रविवार को मुंबई में विरोध मार्च निकाला। ‘विराट गर्जना मोर्चा’ नाम से निकाले गए इस मार्च का नेतृत्व शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने किया। मार्च दक्षिण मुंबई के मेट्रो सिनेमा से शुरू होकर बीएमसी मुख्यालय तक पहुंचा।
उद्धव ठाकरे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए उन्हें भाजपा का ‘हथियार’ बताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह कभी ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ का नारा देश में चर्चा में आया था, उसी तरह अब ‘इंडिया अगेंस्ट वोट चोरी’ नया नारा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं। उद्धव ने एसआइआर के पीछे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान और नाम हटाने के तर्क पर भी सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार से अवैध रूप से रह रहे लोगों की संख्या स्पष्ट करने की मांग की।
राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में एसआइआर की प्रक्रिया रद्द करने की मांग की। उन्होंने भविष्य में चुनाव ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से कराने की भी वकालत की। प्रदर्शन के दौरान किसी राजनीतिक दल का झंडा नहीं रखा गया और प्रतिभागियों से केवल तिरंगा लेकर आने को कहा गया था।
मार्च में कांग्रेस नेता बालासाहेब थोराट और विजय वडेट्टीवार के अलावा शरद पवार गुट की एनसीपी के जयंत पाटिल, शशिकांत शिंदे, जितेंद्र आव्हाड और अनिल देशमुख भी शामिल हुए। थोराट ने कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठा रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की।