वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग ने चिकित्सा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से नौ वर्षीय बच्ची को नया जीवन दिया है। फर्रुखाबाद निवासी माही तिवारी को कोलेडोकल सिस्ट नामक दुर्लभ जन्मजात बीमारी थी, जिसके सफल उपचार के बाद उसे स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
माही के माता-पिता के अनुसार बच्ची की बीमारी के इलाज के लिए कई अस्पतालों में परामर्श लिया गया, लेकिन कहीं संतोषजनक समाधान नहीं मिला। इसके बाद वे केजीएमयू के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग पहुंचे। यहां विभागाध्यक्ष प्रो. जे.डी. रावत और उनकी टीम ने बच्ची की विस्तृत जांच कराई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे 27 अप्रैल 2026 को भर्ती किया गया। विशेषज्ञों ने बच्ची की सर्जरी रोबोटिक तकनीक से करने का सुझाव दिया, जिसे अभिभावकों ने स्वीकार कर लिया। 20 मई को प्रो. जे.डी. रावत के नेतृत्व में टीम ने रोबोटिक तकनीक से ऑपरेशन किया, जो पूरी तरह सफल रहा।
प्रो. रावत ने बताया कि पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में इस बीमारी का रोबोटिक विधि से किया गया यह पहला सफल ऑपरेशन है।
उन्होंने बताया कि कोलेडोकल सिस्ट पित्त नलिकाओं की एक दुर्लभ जन्मजात बीमारी है। समय पर उपचार न मिलने पर यह लीवर से जुड़ी गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकती है। सर्जरी के दौरान असामान्य पित्त नलिका को हटाकर लीवर से आंत तक पित्त के प्रवाह के लिए नया मार्ग बनाया गया। रोबोटिक तकनीक के उपयोग से ऑपरेशन अत्यंत सूक्ष्मता और सटीकता के साथ किया गया। इससे मरीज को कम दर्द, कम रक्तस्राव और तेजी से स्वस्थ होने का लाभ मिला।
सर्जरी टीम में डॉ. सुधीर सिंह, डॉ. गुरमीत सिंह, डॉ. कृति पटेल, डॉ. अमोल, डॉ. रौनक तथा नर्सिंग स्टाफ शामिल रहा, जबकि एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. मनीष सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सफल रिकवरी के बाद माही को 29 मई को डिस्चार्ज कर दिया गया। कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने पूरी टीम को बधाई दी।