वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
वाराणसी। जिले में 50 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए प्रतिबिंब सेल और साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 10 मोबाइल फोन, 9 सिम कार्ड, करीब 200 एपीके फाइलें और विभिन्न संदिग्ध एप बरामद किए गए हैं।
पुलिस लाइन में मंगलवार को डीसीपी क्राइम आकाश पटेल ने बताया कि गिरोह फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर क्रेडिट कार्ड जारी कराने और उसकी लिमिट बढ़ाने का विज्ञापन देता था। झांसे में आए लोगों को आईसीआईसीआई बैंक के नाम से मिलती-जुलती कूटरचित एपीके फाइल डाउनलोड कराई जाती थी। इसके बाद आरोपी वीडियो कॉल के जरिए पीड़ितों से उनके मौजूदा क्रेडिट कार्ड का विवरण हासिल करते थे। एपीके फाइल इंस्टॉल होते ही पीड़ितों के मोबाइल से ओटीपी, एसएमएस और अन्य गोपनीय जानकारियां आरोपियों तक पहुंच जाती थीं। इन सूचनाओं का उपयोग कर वे ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, वॉलेट ट्रांसफर और वर्चुअल कार्ड जेनरेट कर रकम निकाल लेते थे। आरोपी फर्जी सिम कार्ड और बार-बार बदले गए मोबाइल उपकरणों का उपयोग करते थे, जिससे उनकी पहचान छिपी रहे।
गिरफ्तार आरोपियों में बलिया निवासी अनीश वर्मा, झारखंड के देवघर निवासी टुकटुक कुमार पंडित और पुरुषोत्तम कुमार शामिल हैं। एडीसीपी नीतू और एसीपी साइबर अपराध विदुष सक्सेना के अनुसार आरोपी ठगी की रकम को विभिन्न वॉलेट के माध्यम से किराये पर ली गई बैंकिंग सुविधाओं से खातों में ट्रांसफर कराते थे और ऑनलाइन खरीदारी भी करते थे। जांच में करीब 50 लाख रुपये की ठगी सामने आई है। पुरुषोत्तम के खिलाफ लखनऊ पूर्वी साइबर थाने और टुकटुक के खिलाफ देवघर में पहले से मुकदमे दर्ज हैं।
तुरंत करें शिकायत :
एसीपी साइबर विदुष सक्सेना ने अपील किया कि किसी भी अज्ञात लिंक/एपीके फाइल को इंस्टॉल न करें। ओटीपी, कार्ड विवरण किसी से साझा न करें। साइबर अपराध की सूचना तत्काल 1930 हेल्पलाइन अथवा www.cybercrime.gov.in पर दें।