वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने लेखपाल मुख्य परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार और अफवाहों पर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने स्पष्ट कहा है कि 21 मई 2026 को आयोजित लेखपाल मुख्य परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शुचितापूर्ण ढंग से सम्पन्न कराई गई थी। परीक्षा प्रदेश के 44 जिलों में बनाए गए 861 केंद्रों पर शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।
आयोग की ओर से जारी आधिकारिक बयान में परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि कुछ लोग गलत मंशा से प्रेरित होकर सोशल मीडिया पर परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करने और अभ्यर्थियों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। आयोग ने ऐसे प्रचार को पूरी तरह निराधार बताया है। परीक्षा नियंत्रक के अनुसार आयोग भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और पूरी परीक्षा प्रक्रिया कड़ी निगरानी तथा सुरक्षा व्यवस्था के बीच सम्पन्न कराई गई।
आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक विश्लेषण या अपुष्ट सूचनाओं पर ध्यान न दें और केवल आयोग की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह फैलाने, अभ्यर्थियों को भड़काने या भर्ती प्रक्रिया को संदेह के घेरे में लाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ पुलिस प्रशासन के सहयोग से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार भर्ती परीक्षाओं को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार तकनीकी निगरानी, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता पर विशेष जोर दे रही है। इसी क्रम में लेखपाल मुख्य परीक्षा भी व्यापक सुरक्षा प्रबंधों के बीच सम्पन्न कराई गई।