– मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनगणना कार्य की प्रगति तथा टीजीटी लिखित परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा कर दिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में चल रहे जनगणना कार्य और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित होने वाली टीजीटी लिखित परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
मुख्य सचिव ने जनगणना कार्य की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रथम चरण के अंतर्गत हाउस लिस्टिंग का कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा कराया जाए। जिन क्षेत्रों में कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, वहां अगले दो दिनों में प्रक्रिया शुरू कर दी जाए। उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सहयोग न करने वाले कार्मिकों के विरुद्ध जनगणना अधिनियम के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारियों को माइक्रो मॉनीटरिंग करते हुए कार्य को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए गए।
टीजीटी लिखित परीक्षा की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव ने शासन की “जीरो टॉलरेंस” नीति को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परीक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं एक दिन पहले ही पूरी कर ली जाएं। सीसीटीवी कैमरों के संचालन का पूर्वाभ्यास कराया जाए तथा केवल अच्छी छवि वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की ही ड्यूटी लगाई जाए।
उन्होंने अभ्यर्थियों की सघन जांच, महिला अभ्यर्थियों की अलग कक्ष में तलाशी तथा दिव्यांग अभ्यर्थियों के उपकरणों की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रश्नपत्रों और गोपनीय सामग्री को कोषागार के डबल लॉक में सुरक्षित रखने और समयबद्ध तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में बताया गया कि टीजीटी परीक्षा 03 और 04 जून 2026 को प्रदेश के 36 जिलों के 614 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित होगी। परीक्षा में कुल 8 लाख 68 हजार 531 अभ्यर्थी शामिल होंगे। सर्वाधिक परीक्षा केंद्र लखनऊ में बनाए गए हैं।