वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को वाराणसी से नई दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन और बनारस से प्रयागराज रामबाग तथा राजातालाब के बीच दो मेमू ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान मुख्यमंत्री और रेल मंत्री ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया। कार्यक्रम में ट्रेन की आधुनिक सुविधाओं पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में भारतीय रेल आधुनिक भारत की आकांक्षाओं के अनुरूप तेजी से विकसित हो रही है। रेलवे अब केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का माध्यम बन गई है। उन्होंने कहा कि लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने 563 से अधिक रियासतों का भारतीय गणराज्य में विलय कर अखंड भारत के निर्माण में ऐतिहासिक योगदान दिया था। उसी एकता की भावना को भारतीय रेल देश के उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक लोगों को जोड़कर आगे बढ़ा रही है। आधुनिक तकनीक, बेहतर सुविधाओं, स्वच्छता और सुरक्षा से रेल यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक हुई है। योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री की कर्मभूमि काशी में विकास, विरासत, आध्यात्मिकता और आधुनिकता का अद्भुत समन्वय देखने को मिल रहा है। तीन नई रेल सेवाएं इस विकास यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव हैं।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बुलेट ट्रेन के नॉर्थ कॉरिडोर को भी मंजूरी दी है। इसमें दिल्ली, आगरा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, पटना, सिलीगुड़ी और गुवाहाटी सहित कई शहर शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व में उत्तर प्रदेश को रेलवे के लिए 1100 करोड़ रुपये का बजट मिलता था, जो अब बढ़कर 20 हजार करोड़ रुपये हो गया है।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज से वर्चुअल संबोधन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने काल भैरव और काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया।