वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात की 139वीं कड़ी में खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की बढ़ती बिक्री का उल्लेख कर देशभर के कारीगरों, बुनकरों और ग्रामीण उद्यमियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने आगामी त्योहारों में स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के अध्यक्ष मनोज गोयल ने प्रधानमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनका प्रोत्साहन लाखों कारीगरों के लिए सम्मान और नई ऊर्जा का स्रोत है।
गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री की पहल से खादी पारंपरिक पहचान से आगे बढ़कर रोजगार सृजन, महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। खादी आज सांस्कृतिक विरासत के साथ स्वदेशी भावना और आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने तीन अक्तूबर 2014 को मन की बात की पहली कड़ी में गांधी जयंती पर खादी का कम से कम एक उत्पाद खरीदने की अपील की थी। इसके बाद खादी के प्रति लोगों का रुझान बढ़ा। कनॉट प्लेस स्थित खादी भवन में दो अक्तूबर 2022 को करीब 1.34 करोड़ रुपये और वर्ष 2023 में 1.52 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री दर्ज की गई। इस वर्ष गांधी जयंती पर एक दिन में खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 28 करोड़ रुपये से अधिक रही।
गोयल ने कहा कि मन की बात के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर खादी का उल्लेख होना गौरव की बात है। केवीआईसी गुणवत्ता, नवाचार और नई पीढ़ी से जुड़ाव के जरिए वोकल फॉर लोकल के संदेश को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र का कारोबार 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा और इससे दो करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला। आयोग को भरोसा है कि आने वाले समय में कारोबार 2.51 लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य तक पहुंचेगा।