– प्रदेश भर के जनपदों से आये कारीगरों के मिटटी के रंगबिरंगे आकर्षक बर्तनों ने महोत्सव की शोभा में चार चाँद लगाए।
– 48 हजार से अधिक कारीगर परिवार चिन्हित, 18,432 विद्युत चालित चाक वितरित
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की समृद्ध माटीकला परंपरा को नया आयाम देने और इससे जुड़े कारीगरों को रोजगार एवं उद्यमिता के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को खादी भवन में हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान ने फीता काटकर माटीकला महोत्सव-2026 का शुभारंभ किया और इस बार पिछली बिक्री का रिकॉर्ड टूटने की संभावना भी जताई। महोत्सव में पांच कारीगरों को निःशुल्क विद्युत चालित चाक, दो कारीगरों को पगमिल मशीन तथा मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के एक लाभार्थी को बैंक ऋण का चेक वितरित किया गया।
मंत्री सचान ने कहा कि प्रदेश सरकार पारंपरिक शिल्प को आधुनिक तकनीक, कौशल प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने पर विशेष जोर दे रही है। माटीकला महोत्सव कारीगरों को प्रोत्साहित करने के साथ उनके उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने का अवसर प्रदान करता है।
मंत्री ने कहा कि मिट्टी के दीये, खिलौने, मूर्तियां, बर्तन और अन्य कलात्मक उत्पाद भारतीय संस्कृति एवं परंपरा का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। बदलती जीवनशैली के बीच इन उत्पादों को फिर से लोकप्रिय बनाने और इनसे जुड़े कारीगरों की आजीविका मजबूत करने की दिशा में सरकार की ओर से विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। कारीगरों को कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 39,468 माटीकला कारीगरों को मिट्टी निकासी के पट्टे भी आवंटित किए गए हैं।
महोत्सव में मिर्ज़ापुर, कानपुर, गोरखपुर, आजमगढ़, बुलंदशहर, बाराबंकी, लखनऊ आदि जनपदों से आये कारीगरों के मिटटी के रंगबिरंगे आकर्षक बर्तनों ने महोत्सव की शोभा में चार चाँद लगा दिए है।
जानने वाली बात यह है कि कुल्हड़, घड़ा, सुराही और मिट्टी के दीये जैसे उत्पाद आज भी अपनी पारंपरिक पहचान बनाए हुए हैं। माटीकला महोत्सव-2026 के शुभारंभ अवसर पर विद्युत चालित चाक के लिए लखनऊ के शिवा प्रजापति, राम खेलावन, नन्हा, अजय और गायत्री को लाभार्थी के रूप में सम्मानित किया गया। वहीं, पगमिल मशीन के लिए लखनऊ के रमेश कुमार और दिलीप कुमार को लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के अंतर्गत लखनऊ की मुंशीगंज, डालीगंज निवासी श्रेया को ₹2 लाख के ऋण का चेक प्रदान किया गया।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग तथा सार्वजनिक उद्यम विभाग अनिल सागर और सीईओ उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड शिशिर उपस्थित रहे ………… शेष अगले अंक में।