वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। बाबू बनारसी दास कॉलेज ऑफ डेंटल साइंसेज ने रैगिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति दोहराते हुए बुधवार को परिसर में एंटी-रैगिंग ओरिएंटेशन कार्यशाला आयोजित की। इसमें 200 से अधिक विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों, हॉस्टल वार्डन, सुरक्षा कर्मियों और पुलिस प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला का आयोजन प्राचार्या प्रो. (डॉ.) नीता पसरीचा के नेतृत्व में एंटी-रैगिंग कमेटी और स्क्वॉड ने किया।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता केजीएमयू के फैकल्टी ऑफ डेंटल साइंसेज में प्रोस्थोडॉन्टिक्स विभाग के प्रोफेसर और राष्ट्रीय दंत चिकित्सा आयोग की डेंटल एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य डॉ. कमलेश्वर सिंह रहे। उन्होंने कहा कि रैगिंग केवल अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि गंभीर कानूनी परिणामों वाला अपराध है। इसमें शामिल होने से विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य और करियर पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने रैगिंग से जुड़े कानूनी प्रावधानों, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और आपातकालीन हेल्पलाइन की जानकारी दी। नवप्रवेशित विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को शिकायत निवारण व्यवस्था, गुमनाम शिकायत दर्ज कराने और संस्थान में उपलब्ध सुरक्षा उपायों के बारे में बताया गया। डॉ. सिंह ने विद्यार्थियों से शैक्षणिक गतिविधियों और क्लिनिकल प्रशिक्षण पर ध्यान देने की अपील की। साथ ही वरिष्ठ छात्रों से नए विद्यार्थियों का सहयोग और संवेदनशीलता के साथ मार्गदर्शन करने को कहा।
प्राचार्या प्रो. नीता पसरीचा ने बताया कि शैक्षणिक भवनों, क्लिनिकल सुविधाओं और छात्रावासों में एंटी-रैगिंग स्क्वॉड 24 घंटे निगरानी रखेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी अनुचित व्यवहार को रोकने के लिए संस्थान का प्रशासन सतर्क है। कार्यशाला का समापन शिक्षकों और विद्यार्थियों की सामूहिक एंटी-रैगिंग शपथ के साथ हुआ।