वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
नई दिल्ली। दिल्ली में वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के पहले चरण के सभी 25 उपाय तत्काल लागू करने का निर्णय लिया है। आयोग ने संबंधित एजेंसियों को प्रदूषण नियंत्रण के उपायों का सख्ती से पालन कराने और लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, 21 अक्टूबर को दोपहर दो बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 244 दर्ज किया गया, जबकि शाम चार बजे दैनिक औसत एक्यूआई 245 रहा। यह खराब श्रेणी में आता है। इससे एक दिन पहले 20 अक्टूबर को दिल्ली का एक्यूआई 179 था, जो मध्यम श्रेणी में दर्ज किया गया था। वायु गुणवत्ता में तेजी से आई गिरावट को देखते हुए आयोग की ग्रैप उपसमिति ने बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मौसम तथा प्रदूषण संबंधी पूर्वानुमानों पर भी विचार किया गया। पूर्वानुमान के मुताबिक, आगामी दिनों में भी हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में बने रहने की आशंका है। आयोग ने दिल्ली और एनसीआर के संबंधित विभागों, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों तथा दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति को ग्रैप के पहले चरण के उपाय प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। इन उपायों का नियमित निरीक्षण और समय-समय पर समीक्षा भी की जाएगी।
नागरिकों से सहयोग की अपील :
सीएक्यूएम ने दिल्ली-एनसीआर के नागरिकों से प्रदूषण नियंत्रण के लिए जारी नागरिक चार्टर का पालन करने और संबंधित दिशा-निर्देशों में सहयोग करने की अपील की है। आयोग ने कहा कि वायु गुणवत्ता की लगातार निगरानी की जाएगी और जरूरत के अनुसार आगे के कदम उठाए जाएंगे।