– भाजपा का ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ नारा खोखला साबित
– कांग्रेस पीड़िता को न्याय दिलाने तक संघर्ष करेगी
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के जनपद बस्ती में कक्षा सातवीं/आठवीं की 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की जघन्य घटना पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय (पूर्व मंत्री) ने गहरी संवेदना और तीव्र निंदा व्यक्त की है। उन्होंने इस घटना को “अत्यंत निंदनीय, शर्मनाक और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला” करार दिया है।
श्री राय ने कहा कि उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराधों में “बाढ़” सी आ गई है। ये घटनाएं भारतीय जनता पार्टी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हर मंच से किए जाने वाले महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर जीरो टॉलरेंस के दावों की पोल खोल रही हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “जब एक नाबालिग छात्रा स्कूल से लौटते समय भी सुरक्षित नहीं है, तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा सरकार के वे तमाम दावे खोखले साबित हो जाते हैं जिनमें वे महिलाओं को ‘निर्भय वातावरण’ देने का ढिंढोरा पीटते रहते हैं।” उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री स्वयं बार-बार कहते रहे हैं कि महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा पुलिस की जिम्मेदारी है और इससे कोई समझौता नहीं होगा, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि बेटियां आज भी असुरक्षित हैं।
श्री राय ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं भाजपा और योगी सरकार की महिला-विरोधी तथा शिक्षा-विरोधी नीतियों का ही नतीजा हैं। “एक ओर बड़े-बड़े विज्ञापन और नारे, दूसरी ओर स्कूल जाने वाली छात्राओं के सुरक्षित आवागमन की कोई ठोस व्यवस्था नहीं। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त, महिला-बाल सुरक्षा तंत्र और उसकी निगरानी सब कागजी दावे बनकर रह गए हैं। जब बेटियां स्कूल तक सुरक्षित नहीं पहुंच सकतीं, तो शिक्षा का अधिकार और ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसे नारे सिर्फ चुनावी जुमले बनकर रह गए हैं।” प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी पीड़िता एवं पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। पार्टी सड़कों पर उतरकर संघर्ष करेगी।
अजय राय ने सरकार से निम्नलिखित मांगें की हैं :
– निष्पक्ष, समयबद्ध और पारदर्शी जांच की जाए।
– घटना में शामिल सभी आरोपियों की तुरंत पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
– दोषियों को कठोर से कठोर सजा दी जाए।
– पीड़िता को बेहतर चिकित्सा सुविधा और परिवार को पूर्ण सुरक्षा मुहैया कराई जाए।