वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
अयोध्या। प्रभु श्रीराम की कथा को आधुनिक तकनीक और फिल्मी सितारों के अभिनय के जरिए वैश्विक मंच पर पहुंचाने वाली फिल्मी कलाकारों की रामलीला ने इस वर्ष नया कीर्तिमान बनाया है। 10 से 20 अक्टूबर तक दिल्ली में आयोजित इस रामलीला को विभिन्न डिजिटल और प्रसारण माध्यमों पर 74 करोड़ से अधिक दर्शकों ने देखा। 57 देशों तक पहुंची इस भव्य प्रस्तुति में दिल्ली और मुंबई के 211 कलाकारों ने रामकथा के विभिन्न प्रसंगों को जीवंत किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में शुरू हुई डिजिटल रामलीला अब देश-विदेश में प्रभु श्रीराम के आदर्शों और भारतीय संस्कृति के प्रसार का प्रमुख माध्यम बन रही है। रामलीला समिति के संस्थापक सुभाष मलिक (बॉबी) के मुताबिक, पहली बार दिल्ली के रफी मार्ग स्थित मावलंकर हॉल में इसका आयोजन किया गया। कोरोना काल में शुरू हुई यह पहल लगातार डिजिटल माध्यमों पर अपनी पहुंच बढ़ा रही है।
इस वर्ष रामलीला में भोजपुरी अभिनेता एवं सांसद रवि किशन ने प्रभु श्रीराम और केजिया लिज मेजो ने माता सीता की भूमिका निभाई। विंदू दारा सिंह भगवान शिव, अरुण बख्शी रावण, शहबाज खान मेघनाद, पुनीत इस्सर भगवान परशुराम और राजा मुराद कुंभकर्ण के किरदार में नजर आए। थ्री-डी तकनीक, भव्य मंच सज्जा और कलाकारों के अभिनय ने प्रस्तुति को आकर्षक बनाया। पहली बार आयोजित बाल रामलीला को भी दर्शकों की सराहना मिली। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी रामलीला को व्यापक प्रतिक्रिया मिली। आयोजकों के अनुसार, शेमारू भक्ति के यूट्यूब चैनल पर ही सात करोड़ से अधिक दर्शकों ने रामलीला देखी। आराधना टाटा प्ले, शेमारू मी, वीआई एप, एयरटेल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इसका प्रसारण किया गया।
आयोजकों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से रामकथा को नई पीढ़ी और वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाना है। इससे भारतीय संस्कृति और प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है।