वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
अयोध्या। फर्जी जमानत दाखिल करने के मामले में जेल में निरुद्ध सपा के जिला पंचायत सदस्य राजा मान सिंह को अदालत से राहत नहीं मिली है। अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय दीपक यादव की अदालत ने उनकी जमानत अर्जी निरस्त कर दी। राजा मान सिंह पहले से ही विभिन्न मुकदमों में जेल में बंद हैं और इस नए प्रकरण ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
मामला सहआरोपी उपदेश यादव उर्फ बंटी की जमानत से जुड़ा है। आरोप है कि उसकी जमानत के लिए ग्राम प्रधान और जमानतदार के फर्जी हस्ताक्षर व मुहर लगाकर कूटरचित दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत किए गए। न्यायालय द्वारा सत्यापन कराए जाने पर फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। पुलिस जांच में भी दस्तावेजों के कूटरचित होने की पुष्टि हुई। इस संबंध में बस्ती जिले के गोयरी पोखरनी निवासी श्याम नारायण शुक्ला की ओर से थाना पूराकलंदर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। प्राथमिकी के अनुसार श्याम नारायण पूर्व ग्राम प्रधान रहे हैं और वर्तमान में उनकी पुत्री प्रधान हैं। जमानत के लिए ग्राम पंचायत जसईपुर निवासी अनिल कुमार के दस्तावेज लगाए गए, जिन पर प्रधान के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर अंकित पाई गई। विवेचना के दौरान राजा मान सिंह का नाम भी प्रकरण में सामने आया।
आरोपी की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र देकर स्वयं को निर्दोष बताया गया और जमानत की मांग की गई। वहीं एडीजीसी फौजदारी ने जमानत का विरोध करते हुए तर्क दिया कि आरोपी की भूमिका षड्यंत्रकारी है और पेशेवर जमानतदारों के माध्यम से फर्जी जमानतनामा दाखिल कराया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।