वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
बडकोट (उत्तरकाशी)। यमुनोत्री धाम के शीतकालीन कपाट भैया दूज के पावन पर्व पर बंद होने की तिथि घोषित कर दी गई है। यमुनोत्री धाम के कपाट 23 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर विधि-विधान के साथ बंद कर दिए जाएंगे। दशहरे के अवसर पर खरसाली गांव स्थित यमुना मंदिर में आहूत बैठक में विधिपूर्वक मुहुर्त निकालकर इस तिथि का निर्धारण किया गया।
यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने बताया कि विशाखा नक्षत्र, आयुष्मान योग और धनु लग्न में अमृत वेला पर कपाट बंद होंगे। इसके बाद छह माह तक श्रद्धालु यमुनोत्री धाम में दर्शन नहीं कर पाएंगे। इस दौरान मां यमुना का शीतकालीन प्रवास खरसाली गांव स्थित यमुना मंदिर में रहेगा और भक्त यहां पूजा-अर्चना और दर्शन कर सकेंगे। भैया दूज के दिन सुबह मां यमुना के भाई सोमेश्वर महाराज शनिदेव की डोली यमुनोत्री धाम से रवाना होकर अपनी बहन को लेने जाएगी। यह परंपरा शीतकालीन बंद होने वाले कपाटों के साथ जुड़ी हुई है और धार्मिक आस्था में इसका विशेष महत्व है। श्रद्धालु इस अवसर को बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते हैं।
यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने से छह माह तक केवल खरसाली गांव स्थित यमुना मंदिर में ही मां यमुना के दर्शन संभव होंगे। इससे पहले की परंपराओं के अनुसार, भक्त शीतकाल में यहां पूजा-अर्चना और विशेष अनुष्ठान संपन्न कर अपनी आस्था निभाते हैं।