वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस में पदोन्नति को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया है। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश के तहत प्रदेश के 121 उपनिरीक्षकों को निरीक्षक पद पर प्रोन्नत किया गया है, जबकि 384 मुख्य आरक्षियों को उपनिरीक्षक के पद पर पदोन्नति दी गई है। इस फैसले से पुलिस महकमे में खुशी का माहौल है और लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे कर्मियों को राहत मिली है।
डीजीपी मुख्यालय ने नागरिक पुलिस के 121 उपनिरीक्षकों को निरीक्षक के पद पर प्रोन्नत करने का आदेश जारी किया है। यह पदोन्नति उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा ज्येष्ठता के आधार पर वर्ष 2025 की रिक्तियों के सापेक्ष की गई है। बोर्ड द्वारा पदोन्नति के लिए उपयुक्त पाए गए कर्मियों की सूची डीजीपी मुख्यालय को उपलब्ध कराई गई थी, जिसके बाद डीआईजी स्थापना अखिलेश कुमार चौरसिया ने औपचारिक आदेश जारी किया। उपनिरीक्षक से निरीक्षक बनने वालों में लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में तैनात रामस्वरूप, सुनील कुमार सिंह, जयकरन सिंह, प्रमोद कुमार यादव, आशीष त्रिवेदी और संतोष कुमार पटेल सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। वहीं पदोन्नति प्रक्रिया के दौरान 186 उपनिरीक्षकों को पदोन्नति के लिए उपयुक्त नहीं पाया गया। इसके अलावा 82 उपनिरीक्षकों के खिलाफ जांच प्रचलित होने के कारण उनके नामों को सीलबंद लिफाफे में रखने का निर्णय लिया गया है।
इसी प्रकार मुख्य आरक्षियों से उपनिरीक्षक पद पर पदोन्नति के मामले में 384 कर्मियों को प्रोन्नति दी गई है। हालांकि चार मुख्य आरक्षी पदोन्नति के लिए उपयुक्त नहीं पाए गए, जबकि 30 मुख्य आरक्षियों के विरुद्ध जांच लंबित होने के कारण उनका लिफाफा बंद रखने का निर्णय लिया गया है। पुलिस मुख्यालय ने उम्मीद जताई है कि पदोन्नति से कार्यक्षमता और मनोबल में वृद्धि होगी।