– नई दिल्ली में उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा प्रायोजित तीन दिवसीय ग्लोबल वाइल्डलाइफ फेयर शुरू
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा प्रायोजित “ग्लोबल वाइल्डलाइफ फेयर” का शुभारंभ नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में हुआ। तीन दिवसीय इस फेयर की थीम “प्रकृति, मानव और वन्यजीव के बीच सामंजस्य” रखी गई है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश का ईको टूरिज्म मॉडल प्रकृति, मानव और वन्यजीव के सामंजस्य से निरंतर समृद्ध हो रहा है।
फेयर में उत्तर प्रदेश के जंगलों, वन्यजीवों और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों ने देश-विदेश से आए आगंतुकों को आकर्षित किया। यूपी ईको टूरिज्म बोर्ड के स्टॉल पर दुधवा टाइगर रिजर्व, पीलीभीत टाइगर रिजर्व, कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य सहित राज्य के प्रमुख इको-टूरिज्म स्थलों की जानकारी प्रदर्शित की गई। यहां दुधवा टाइगर रिजर्व में पाए जाने वाले बाघ, गैंडा, हाथी, बारहसिंघा और घड़ियाल जैसे दुर्लभ वन्यजीवों की उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि तीन दिवसीय आयोजन में मुख्य भाषण, पर्यटन प्रदर्शनियां, कार्यशालाएं, छात्र सत्र और फिल्म प्रदर्शनियां आयोजित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य जिम्मेदार पर्यटन और संरक्षण सहयोग को बढ़ावा देना है। यह फेयर 25 से अधिक देशों के संरक्षण विशेषज्ञों, इको-टूरिज्म संचालकों, शोधकर्ताओं और प्रकृति प्रेमियों को एक मंच पर लाएगा।
राज्य की ओर से गुलमोहर ईको विलेज रिसॉर्ट (बांदा), द कतर्निया सराय और दुधवा निर्वाणा रिट्रीट जैसी प्रमुख ईको प्रॉपर्टीज़ के प्रतिनिधि भी फेयर में शामिल हुए हैं। यह आयोजन उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2022 और प्रदेश की ईको टूरिज्म के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ईको टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। यहां के प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन आकर्षणों की विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान है। ग्लोबल वाइल्डलाइफ फेयर के माध्यम से विभिन्न देशों के आगंतुकों को प्रदेश की जैव विविधता और प्राकृतिक धरोहर से परिचित कराया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक पर्यटक उत्तर प्रदेश की यात्रा के लिए प्रेरित हों।