वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा क्षेत्रीय नेताओं को आगे बढ़ाने के पक्ष में रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में जब सपा और बसपा का गठबंधन हुआ था, तब वे बसपा प्रमुख मायावती को प्रधानमंत्री बनाने के पक्ष में थे। इसी तरह 2024 में जब इंडिया गठबंधन बना था, तब समाजवादी पार्टी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री बनाने का समर्थन कर रही थी।
शनिवार को सपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी ने हमेशा गठबंधन की भावना के साथ राजनीति की है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लगता है भाजपा नीतीश कुमार को राज्यसभा सदस्य के रूप में ही रिटायर करना चाहती है। इस दौरान अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग कई मामलों में सच्चाई सामने नहीं ला रहा है और झूठ बोल रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग समाजवादी पार्टी का फर्जी वीडियो प्रसारित कर रहे हैं, जिसके खिलाफ सपा कानूनी कार्रवाई करेगी और मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। महंगाई के मुद्दे पर भी सपा अध्यक्ष ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ाए जा रहे हैं, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सुबह ही जानकारी मिली कि गैस के दाम फिर बढ़ा दिए गए हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि जब भाजपा सत्ता से जाएगी तभी महंगाई कम होगी।
विदेश नीति को लेकर भी उन्होंने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि भारत की विदेश नीति देश की सरकार को तय करनी चाहिए, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में ऐसा प्रतीत होता है कि विदेश नीति पर बाहरी प्रभाव बढ़ गया है। इस अवसर पर कई नेताओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता भी ग्रहण की।