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शंकराचार्य के खिलाफ विवादित होर्डिंग्स पर बवाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने दर्ज कराई एफआईआर

वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
रायबरेली। बछरावां क्षेत्र में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ लगाए गए विवादित होर्डिंग्स को लेकर सियासी और सामाजिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी ने इस मामले में विश्व हिंदू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री राहुल सिंह के खिलाफ बछरावां कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी विवादित होर्डिंग्स को हटवा दिया है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।

बताया गया कि 28 जनवरी को चुरुवा टोल प्लाजा के पास हाईवे किनारे और कस्बे के विभिन्न स्थानों पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ चार होर्डिंग्स लगाए गए थे। इन होर्डिंग्स में शंकराचार्य के लिए रावण, कांग्रेसाचार्य और धर्म की गद्दी पर बैठकर राजनीति की स्क्रिप्ट पढ़ने जैसे आपत्तिजनक और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया था। जैसे ही इसकी जानकारी कांग्रेस नेताओं को हुई, उन्होंने इसे धार्मिक भावनाएं आहत करने और समाज में वैमनस्य फैलाने वाला कृत्य बताया।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी ने आरोप लगाया कि राहुल सिंह पूर्व में भी कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ कटाक्ष भरे होर्डिंग्स लगवा चुके हैं और इस तरह की गतिविधियां केवल सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के उद्देश्य से की जाती हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के बैनर जातीय उन्माद फैलाने और सामाजिक समरसता को तोड़ने का प्रयास हैं, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

वहीं, राहुल सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से सफाई देते हुए कहा कि शंकराचार्य ने कई राष्ट्रीय और धार्मिक मुद्दों पर सनातन धर्म के विरुद्ध रुख अपनाया है। उन्होंने धारा 370 का विरोध, राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में अनुपस्थिति, काशी विश्वनाथ धाम परियोजना और मणिकर्णिका घाट के विकास का विरोध करने जैसे आरोप भी गिनाए। हालांकि कांग्रेस नेताओं का कहना है कि असहमति व्यक्त करने के लिए मर्यादित और संवैधानिक तरीके होने चाहिए, न कि अपमानजनक भाषा और होर्डिंग्स का सहारा।

इस मामले में थाना प्रभारी श्याम कुमार पाल ने बताया कि विवादित बैनर हटवा दिए गए हैं और तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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