वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय बजट को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में इसे केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत के भविष्य का स्पष्ट विजन बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हर निर्णय नेशन फर्स्ट की भावना से प्रेरित रहा है और यह बजट उसी सोच का प्रतिबिंब है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है और यह बजट उस यात्रा को नई गति देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहला बजट है जो कर्तव्य भवन से बनकर सामने आया है, जो मौलिक अधिकारों के साथ-साथ मूल कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने हर भारतवासी को कर्तव्यबोध से जोड़ने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि रिफॉर्म, ग्रोथ और फिस्कल डिसिप्लिन इस बजट की आत्मा हैं और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। यह बजट किसान, युवा, महिला और गरीब सभी वर्गों के सशक्तिकरण के लिए है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह बजट उत्तर प्रदेश की आकांक्षाओं को नई उड़ान देता है। देश के सबसे बड़े राज्य के लिए नई संभावनाओं के द्वार खुले हैं। एमएसएमई सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई के मामले में उत्तर प्रदेश देश का नेतृत्व कर रहा है और 96 लाख एमएसएमई यूनिट्स के साथ प्रदेश नंबर वन है। रोजगार सृजन में एमएसएमई रीढ़ की हड्डी साबित हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे के सात नए कॉरिडोर देश को नई गति देंगे, जिनमें दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर उत्तर प्रदेश की बड़ी उपलब्धियां हैं। कनेक्टिविटी को उन्होंने विकास की असली ताकत बताया। साथ ही 20 नए वाटर-वे देश की लॉजिस्टिक क्षमता को बढ़ाएंगे। गंगा विकास और अर्थव्यवस्था दोनों की धुरी बन रही है। उन्होंने कहा कि यह बजट विकास और विरासत का संतुलन है और हर नागरिक को राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनाता है।