वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। गाजियाबाद जनपद के धौलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत गांव नाहल में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के दौरान फर्जी बीएलओ पकड़े जाने का मामला सामने आया है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाता जागरूकता अभियान की आड़ में कुछ संदिग्ध लोगों द्वारा ग्रामीणों से फॉर्म संख्या-7 पर हस्ताक्षर कराए जाने का आरोप है। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह के समय दो पुरुष और एक महिला गांव नाहल पहुंचे और स्वयं को बीएलओ से जुड़ा बताते हुए ग्रामीणों से फॉर्म संख्या-7 पर साइन कराने लगे। कुछ लोगों ने भ्रमवश हस्ताक्षर भी कर दिए, लेकिन गांव की बीएलओ सुनीता ने उनकी गतिविधियों पर संदेह जताया। उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी गांव के जिम्मेदार लोगों को दी। इसके बाद ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और संदिग्धों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनके पास से फर्जी कागजात बरामद किए गए।
पूछताछ में संदिग्धों द्वारा खुद को भाजपा पार्टी से मंत्रिमंडल से जुड़ा बताया गया, जिससे मामला और गंभीर हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष फैसल हुसैन एडवोकेट, महानगर अध्यक्ष वीरेंद्र यादव एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। सपा नेताओं ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
मौके पर नायब तहसीलदार, लेखपाल और क्षेत्रीय पुलिस प्रशासन मौजूद रहा। बीएलओ की ओर से पूरे प्रकरण को लेकर शिकायती पत्र भी सौंपा गया है। समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष फैसल हुसैन ने बताया कि मामले से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला है और उसमें किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसीपी मसूरी लिपी नगायच ने बताया कि बीएलओ सुनीता रानी की तहरीर प्राप्त हुई है और मामले की जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।