वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। लोढ़ी टोल प्लाजा पर महिला अधिवक्ता और उनके परिजनों के साथ हुई मारपीट के विरोध में सोमवार को जिले के अधिवक्ता सड़क पर उतर आए। न्यायिक कार्य से विरत रहकर अधिवक्ताओं ने जुलूस निकाला, टोल कंपनी प्रबंधन का पुतला फूंका और लोढ़ी टोल बूथ के सामने हाईवे पर धरना दिया। इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई और टोल कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। सूचना मिलने पर पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और अधिवक्ताओं से वार्ता कर उन्हें शांत कराया।
बताया गया कि सिविल लाइन रोड निवासी अधिवक्ता आरती पांडेय रविवार को अपने परिजनों के साथ ओबरा जा रही थीं। आरोप है कि लोढ़ी टोल बूथ पर बेवजह लगे जाम के कारण जब उनके साथ मौजूद नवीन कुमार सिंह कारण पूछने काउंटर पर पहुंचे तो टोल कर्मियों ने बदतमीजी शुरू कर दी। आरोप है कि गाली-गलौज के बाद लाठी-डंडों से मारपीट की गई। शोर सुनकर अधिवक्ता आरती पांडेय और अन्य लोग पहुंचे तो उनके साथ भी दुर्व्यवहार और मारपीट की गई। बाल पकड़कर खींचने और जान से मारने की कोशिश का भी आरोप लगाया गया है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने देर रात मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। सोमवार को घटना की जानकारी मिलते ही अधिवक्ताओं में आक्रोश फैल गया। कचहरी परिसर में बैठक कर अधिवक्ता संघ ने घटना की निंदा की। इसके बाद अधिवक्ता जुलूस निकालते हुए बढ़ौली चौराहा पहुंचे, जहां टोल कंपनी प्रबंधन का पुतला फूंका गया। इसके पश्चात सभी लोढ़ी टोल प्लाजा पहुंचे और बीच सड़क धरने पर बैठ गए। अधिवक्ताओं ने दोषी टोल कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई, टोल प्रबंधन की ओर से सार्वजनिक माफी और अधिवक्ताओं के लिए टोल शुल्क माफ करने की मांग उठाई।
धरनास्थल पर सीओ सिटी रणधीर मिश्र और सीओ ओबरा अमित कुमार के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों ने अधिवक्ताओं से वार्ता कर 24 घंटे के भीतर मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त किया गया। विरोध प्रदर्शन और धरने में सोनभद्र बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे।