वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में लीगेसी स्टॉल्ड प्रोजेक्ट्स को लेकर अहम जानकारी सामने आई। अधिकारियों ने बोर्ड के चेयरमैन एवं प्रमुख सचिव आलोक कुमार को बताया कि अमिताभ कांत समिति का लाभ लेने के लिए कुल 11 प्रोजेक्ट पंजीकृत हुए थे, जिनमें से दो प्रकरण अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं। शेष प्रोजेक्ट्स में से केवल सात बिल्डरों ने ही 25 प्रतिशत बकाया राशि जमा कराई है, जिसके बाद रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू हो सकी है।
बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार इन बिल्डरों द्वारा अब तक 402.50 करोड़ रुपये जमा किए जा चुके हैं, जबकि वर्ष 2026 के दौरान 935.96 करोड़ रुपये जमा होने की संभावना जताई गई है। इन लंबित प्रोजेक्ट्स में कुल 6828 संपत्तियों की रजिस्ट्री होनी है, लेकिन अब तक केवल 418 संपत्तियों की ही रजिस्ट्री कराई जा सकी है। यह स्थिति तब है, जब बकाया राशि की गणना फरवरी 2024 में ही की जा चुकी थी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यमुना सिटी में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल के निर्माण के लिए छह एकड़ भूमि आवंटित की जाएगी। यह भूमि एक रुपये प्रति वर्गमीटर के प्रीमियम पर दी जाएगी, जहां प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक की पढ़ाई होगी। इस भूखंड का न तो हस्तांतरण किया जा सकेगा और न ही भू-उपयोग बदला जाएगा।
ओटीएस योजना को लेकर बताया गया कि अब तक 117 आवेदन प्राप्त हुए हैं और इसकी अंतिम तिथि 28 फरवरी निर्धारित है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि इसके बाद कोई नया आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं किसानों के मुआवजे के रूप में 20 जनवरी तक 2986.31 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं, जिसमें जेपी इंफ्राटेक से प्राप्त 77 करोड़ रुपये भी शामिल हैं।