वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लंबित आवासीय और व्यावसायिक आवंटन मामलों के त्वरित, मानवीय और न्यायसंगत समाधान के लिए एकमुश्त समाधान योजना लागू करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्षों से लंबित भुगतान और विवादित मामलों के कारण न केवल योजनाओं की प्रगति प्रभावित होती है, बल्कि आम नागरिकों को भी अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सरकार का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था लागू करना है, जो पारदर्शी, व्यावहारिक और जनहितकारी हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की विभिन्न आवासीय योजनाओं में लंबित देयों और विवादित आवंटनों के कारण विकास कार्यों की गति प्रभावित होती है। ऐसे में समाधान-प्रधान व्यवस्था अपनाना आवश्यक है, जिससे विभाग को राजस्व प्राप्त हो और आवंटियों को भी वास्तविक राहत मिल सके। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रस्तावित एकमुश्त समाधान योजना ओटीएस-2026 को पूरी तरह जन-केंद्रित बनाया जाए और इसमें वास्तविक आवंटियों के लिए स्पष्ट व सरल विकल्प उपलब्ध हों। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्ष 2020 में लागू ओटीएस-2020 योजना से बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण हुआ था, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण कई आवंटी अंतिम भुगतान नहीं कर पाए। विभाग द्वारा प्रदेश के विभिन्न आवासीय और व्यावसायिक परिसरों में मौजूद डिफॉल्ट मामलों का विस्तृत ब्यौरा मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ओटीएस-2026 को अधिक व्यावहारिक और लाभकारी स्वरूप दिया जाए। एकमुश्त भुगतान करने वाले आवंटियों को देयों पर उपयुक्त छूट दी जाए, वहीं किस्तों में भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि योजना बनाते समय यह ध्यान रखा जाए कि इसका मूल उद्देश्य आम नागरिक को राहत पहुंचाना हो।