वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश लोक तथा निजी सम्पत्ति क्षति वसूली नियमावली, 2020 के नियम 9(9) के अंतर्गत राज्य सरकार ने दावा अधिकरणों के अध्यक्ष पद पर नई नियुक्तियों को स्वीकृति प्रदान की है। शासन द्वारा संस्तुत अभ्यर्थियों की विश्वसनीयता और पूर्ववृत्तों का विधिवत सत्यापन कराए जाने के बाद यह नियुक्तियाँ की गई हैं।
जारी आदेश के अनुसार, सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को विभिन्न दावा अधिकरणों का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके तहत हरिनाथ पाण्डेय, सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, को लखनऊ दावा अधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया है। इसी क्रम में राजेन्द्र प्रसाद श्रीवास्तव, सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, को प्रयागराज दावा अधिकरण के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं लड्डू सिंह, सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, को मेरठ दावा अधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राज्य सरकार का कहना है कि इन नियुक्तियों से लोक एवं निजी सम्पत्ति को हुई क्षति की वसूली से संबंधित मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी। दावा अधिकरणों के माध्यम से ऐसे प्रकरणों की सुनवाई कर नियमों के अनुरूप क्षतिपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इससे न्यायिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी और प्रभावित पक्षों को समयबद्ध न्याय मिल सकेगा।
सरकार के अनुसार, दावा अधिकरणों का उद्देश्य सार्वजनिक एवं निजी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं में जिम्मेदारी तय करना और क्षति की वसूली को सुनिश्चित करना है। नए अध्यक्षों की नियुक्ति से अधिकरणों के कामकाज में मजबूती आएगी और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण में मदद मिलेगी। इससे कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ क्षति वसूली की प्रक्रिया को भी अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सकेगा।