वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस स्मृति दिवस समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को रिजर्व पुलिस लाइन में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन तीन वीर पुलिसकर्मियों को नमन किया, जिन्होंने एक सितंबर 2024 से 31 अगस्त 2025 के बीच अपराधियों से मुठभेड़ में अपने प्राणों की आहुति दी। मुख्यमंत्री ने शहीदों के परिजनों से भेंट कर उन्हें सम्मानित किया और उनके बलिदान को प्रदेश के लिए अमर बताया।
समारोह की शुरुआत परेड कमांडर द्वारा मुख्यमंत्री को सलामी देने से हुई। इस दौरान नारी शक्ति की प्रतीक के रूप में पुलिस उपाधीक्षक (अभिसूचना मुख्यालय) आभा पांडेय ने शोक पुस्तिका की वाहक बनकर मुख्यमंत्री योगी को वह पुस्तिका सौंपी, जिसमें वीरगति प्राप्त पुलिसकर्मियों के नाम अंकित हैं।
शहीदों में उत्तर प्रदेश पुलिस के एसटीएफ निरीक्षक सुनील कुमार, मुख्य आरक्षी दुर्गेश कुमार सिंह (जौनपुर) और आरक्षी सौरभ कुमार (गौतमबुद्ध नगर) शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन जांबाज पुलिसकर्मियों के साहस और समर्पण ने न केवल प्रदेश की सुरक्षा को मजबूत किया है, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस को दुनिया के सबसे बड़े और सशक्त पुलिस बल के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि शहीद स्मारक हमें हमेशा उन वीरों की याद दिलाता रहेगा जिन्होंने कर्तव्य और राष्ट्र की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने शहीदों के जीवन परिचय और उनके अदम्य साहस का उल्लेख किया।
शोक पुस्तिका को शहीद स्मारक पर स्थापित किए जाने के बाद मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। परेड कमांडर द्वारा ‘शोक शस्त्र’ की कमांड के बाद दो मिनट का मौन रखा गया और फिर ‘सलामी शस्त्र’ की कार्यवाही के दौरान पूरा परिसर देशभक्ति के भाव से गूंज उठा।