वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। दीपोत्सव को लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर भाजपा ने कड़ा पलटवार किया है। प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि अखिलेश यादव का बयान उनकी सनातन विरोधी सोच और हिंदू आस्था के प्रति दुर्भावना को स्पष्ट करता है। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख लगातार हिंदू रीति-रिवाजों और धार्मिक परंपराओं का अपमान करते रहे हैं। अब जब पूरा देश दिवाली के पावन पर्व पर उत्साह और श्रद्धा से दीप प्रज्ज्वलित कर रहा है, तब अखिलेश यादव इस पर्व को पैसों की बर्बादी बता रहे हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि दीपदान भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है और इसका संबंध प्रकाश, सकारात्मक ऊर्जा और सद्भाव से है। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि जब सपा सरकार में कब्रिस्तानों की बाउंड्री बनवाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे थे, तब अखिलेश को पैसे की बर्बादी क्यों नहीं दिखाई दी। उन्होंने कहा कि ईद-मोहर्रम के मंचों पर भाषण देने और तुष्टीकरण की राजनीति करने वाले अखिलेश यादव अब सनातन परंपरा के विरोध में उतर आए हैं। भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि यह बयान अखिलेश यादव की हिंदू विरोधी कुंठित मानसिकता का परिचायक है। प्रदेश की जनता सनातन धर्म का अपमान करने वालों को कभी स्वीकार नहीं करेगी।
उधर, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी अखिलेश यादव से बयान वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अखिलेश तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति के लिए हिंदू आस्था का अपमान करना बंद करें। दीपदान की परंपरा सदियों पुरानी है, जो श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है। केशव प्रसाद मौर्य ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव दीपावली में दिये बेचने वाले प्रजापति समाज का रोजगार छीनने का घिनौना प्रयास कर रहे हैं। उनका बयान न केवल दीपोत्सव की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है, बल्कि पूरे समाज की भावनाओं का अपमान भी है।