– भाजपा सरकार ने अयोध्या के पीडीए सांसद को दीपोत्सव में नहीं बुलाकर पूरे समाज की भावनाओं को आहत किया : अखिलेश
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। अयोध्या में रविवार को आयोजित भव्य दीपोत्सव-2025 में उस समय सियासी चर्चा तेज हो गई जब उत्तर प्रदेश के दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। दोनों नेताओं ने अंतिम समय पर अयोध्या आने का अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया। हाँलाकि सूचनानुसार राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी दीपोत्सव में शामिल होने के अपने कार्यक्रम को रद्द कर दिया था।
केशव प्रसाद मौर्य ने अपने पत्र में बताया कि अपरिहार्य कारणों के चलते उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने से विरत रहना पड़ा। वहीं ब्रजेश पाठक ने किसी आधिकारिक कारण की जानकारी नहीं दी, हालांकि सूत्रों के मुताबिक वे पहले से तय सरकारी कार्यक्रमों में व्यस्त थे। इसी तरह, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी दीपोत्सव में आने का कार्यक्रम रद्द कर दिया, जिससे अयोध्या में यह अनुपस्थिति सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गई।
इस बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटनाक्रम पर व्यंग्य कसते हुए एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि “भाजपा में अब डबल इंजन ही नहीं, इंजन से डबल डिब्बे भी टकरा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि यह वही भाजपा है जो वर्चस्ववादी सोच के अहंकार में डूबी है और अब अपने लोगों की भी सगी नहीं रही। अखिलेश ने सवाल उठाया कि “क्या उप्र भाजपा सरकार में उप मुख्यमंत्री के दोनों पद समाप्त कर दिए गए हैं?” अखिलेश ने आगे कहा कि भाजपा सरकार ने अयोध्या के पीडीए सांसद को दीपोत्सव में नहीं बुलाकर पूरे समाज की भावनाओं को आहत किया है। सपा अध्यक्ष के इन बयानों के बाद दीपोत्सव की चमक के साथ-साथ प्रदेश की राजनीति में भी गर्मी बढ़ गई है।
अयोध्या में दीपोत्सव भले ही लाखों दीपों से जगमगाया, लेकिन सत्ता के शीर्ष चेहरों की अनुपस्थिति और विपक्ष के तंज ने इस आयोजन को सियासी रंग दे दिया।