वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में डॉ. आंबेडकर महासभा ने निजी एवं अल्पसंख्यक-प्रवर्तित शैक्षणिक संस्थानों में दलितों के लिए आरक्षण लागू करने की जोरदार मांग की है। सभा को संबोधित करते हुए महासभा ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं सदस्य विधान परिषद लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 15(5) ने निजी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण की अनुमति दी है, परंतु कांग्रेस सरकार के समय इसे संशोधित कर अल्पसंख्यक संस्थानों को इसका दायरा से बाहर रखा गया।
निर्मल ने बताया कि देश में 54,449 ऐसे अल्पसंख्यक-संचालित शैक्षणिक संस्थान हैं, जिनमें 51,627 स्कूल तथा अन्य उच्च अध्ययन संस्थान आते हैं। ये संस्थान लगभग 97.70 लाख छात्रों को शिक्षा प्रदान करते हैं। यदि इन संस्थानों में दलित आरक्षण लागू किया गया, तो लगभग 14.65 लाख दलित छात्र इससे लाभान्वित हो सकते थे। उन्होंने आग्रह किया कि संविधान में पुनर्संशोधन कर आरक्षण का दायरा विस्तृत किया जाए, ताकि दलित समुदाय का आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक उत्थान सुनिश्चित हो सके। महासभा का मानना है कि इसके बिना समान पढ़ाई का अधिकार अधूरा रहेगा।
इस समारोह की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद सरोज ने की। कार्यक्रम में अमरनाथ प्रजापति, भान्ते प्रज्ञासार, डॉ. सत्या दोहरे, रचना चन्द्रा, सावित्री चौधरी, आर.डी. राकेश, रामचन्द्र पटेल, विनोद खरवार, दिनेश चन्द्र, जितेंद्र वाल्मीकि, सनी कुमार, प्रदीप कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।