वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। लोकदल ने प्रदेश में बिजली पर 10 प्रतिशत फ्यूल चार्ज बढ़ाए जाने के प्रस्तावित निर्णय को आम जनता के हितों के खिलाफ बताते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि पहले से महंगाई की मार झेल रही जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना पूरी तरह अनुचित है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के नागरिक बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और रोजमर्रा के खर्चों से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में बिजली दरों पर फ्यूल चार्ज बढ़ाने का फैसला लोगों की परेशानियों को और बढ़ाने वाला है। सरकार को राहत देने वाले कदम उठाने चाहिए, लेकिन इसके विपरीत जनता पर नए आर्थिक भार थोपे जा रहे हैं।
सुनील सिंह ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार आम जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के बजाय बिजली कंपनियों के हितों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ डालकर निजी और बिजली कंपनियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, जिसे जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।
लोकदल अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में चुनावी माहौल बन रहा है और जनता सरकार के हर फैसले पर नजर रखे हुए है। लोगों को यह समझ आ रहा है कि महंगाई और बढ़ते बिजली बिलों का असर सीधे उनके घरेलू बजट पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि बिजली बिलों में बढ़ोतरी और फ्यूल चार्ज के नाम पर अतिरिक्त वसूली का सिलसिला जारी रहा तो इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिलेगा। उन्होंने सरकार से फ्यूल चार्ज बढ़ाने के निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए कहा कि जनता को राहत देना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। लोकदल ने चेतावनी दी कि यदि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाला गया तो पार्टी जनता के साथ मिलकर इसका विरोध करेगी।