– यूपीएसआईएफएस, लखनऊ में 75 वें संविधान दिवस पर आज प्रथम दिवस का अंतर्राष्ट्रीय कान्फ्रेंस सम्पन्न
वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार वर्मा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस, लखनऊ में 75 वें संविधान दिवस के अवसर पर आज दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कान्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस अंतर्राष्ट्रीय कान्फ्रेंस में देश विदेश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों से विषय विशेषज्ञों ने भाग लिया। उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस, लखनऊ द्वारा आयोजित इस अन्तर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस में मुख्य मंत्री योगी आदित्य नाथ ने संस्थान के उपयोगार्थ निर्मित सभागार, ई-लाइब्रेरी, संस्थान-ध्वज एवं अभ्युदय पत्रिका का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब शुरू में कानून बनाए गए या अपनाए गए, तो कानूनों में कई खामियां थीं और बाद में कानून समाज में बदलाव के साथ तालमेल नहीं रखते थे। अब नए आपराधिक कानूनों के लागू होने और लागू होने के बाद पुराने कानूनों में जो खामियां और कमियां थीं, उन्हें नए
आपराधिक कानूनों में दूर कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री का यह विजन है कि ‘हर पीड़ित को न्याय मिले और हर अपराधी को सजा मिले’ । उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के इस विजन को साकार करने के लिए यह संस्थान न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत में मील का पत्थर साबित होगा और उत्कृष्टता का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रथम सत्र में उत्तीर्ण पी0जी0 डिप्लोमा के छात्र एवं छात्राओं को प्रमाण-पत्र भी वितरित किये। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी से दूर भागने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उससे लगातार जुड़ने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के समापन में संविधान दिवस की शपथ भी दिलायी ।
इस अवसर पर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार, संस्थान के संस्थापक निदेशक डॉ0 जी0के0 गोस्वामी, राजेश्वर सिंह विधायक, अपर मुख्य सचिव, गृह, दीपक कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक, अमिताभ यश, बी0के0 सिंह, नवीन अरोरा, अमरेन्द्र सिंह सेंगर, डा0 एन. रविन्दर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित रहे ।
इस दो दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय कान्फ्रेन्स के प्रथम दिवस पर देश विदेश से आये विषय-विशेषज्ञों ने अपने व्याख्यान से छात्रों को लाभान्वित किया।