वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने माध्यमिक शिक्षा में लंबे समय से चली आ रही शिक्षकों की कमी को दूर करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 33 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां की हैं। वर्ष 2017 के बाद शुरू की गई भर्ती प्रक्रिया के तहत प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के रिक्त पदों को भरकर शिक्षा व्यवस्था को मजबूती प्रदान की गई है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के अनुसार अप्रैल 2017 से वर्ष 2022 तक प्रधानाचार्य, प्रवक्ता और प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) के कुल 33,401 पदों पर चयन प्रक्रिया पूरी की गई। इनमें 27,297 टीजीटी, 5,321 प्रवक्ता तथा 783 प्रधानाचार्यों की नियुक्ति शामिल है। इन भर्तियों से प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर हुई है। बताया गया कि वर्ष 2017 से पहले भर्ती प्रक्रिया प्रभावित रहने के कारण विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों का अभाव एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। कई विद्यालयों में महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं थे, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती थी। सरकार ने शिक्षा सुधार को प्राथमिकता देते हुए भर्ती प्रक्रिया को मिशन मोड में संचालित किया और रिक्त पदों को भरने के लिए ठोस कदम उठाए।
प्रदेश सरकार ने केवल नियुक्तियों तक ही अपने प्रयास सीमित नहीं रखे, बल्कि माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए कई योजनाएं भी लागू की हैं। प्रोजेक्ट अलंकार, स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाओं के सुदृढ़ीकरण, डिजिटल शिक्षा और नकलविहीन परीक्षा प्रणाली जैसी पहलों से विद्यालयों में आधुनिक शिक्षा का वातावरण विकसित हुआ है।
शिक्षा विभाग का मानना है कि शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता और आधुनिक संसाधनों के विस्तार से प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिली है तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ प्राप्त हो रहा है।