वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, उत्तरी क्षेत्र, अलीगंज, लखनऊ में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) कार्यालय-2 की वर्ष 2025 की द्वितीय छमाही बैठक का आयोजन आज अपर महानिदेशक एवं विभागाध्यक्ष तथा समिति के अध्यक्ष राजिन्दर कुमार की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में बड़ी संख्या में सदस्य कार्यालयों के विभागाध्यक्ष, राजभाषा अधिकारी, सहायक निदेशक (राजभाषा) एवं हिंदी अधिकारी सहित कुल लगभग 91 प्रतिनिधियों ने भागीदारी की।
विशेष अतिथि के रूप में राजभाषा विभाग, गाज़ियाबाद के उपनिदेशक छबिल कुमार मेहेर उपस्थित रहे। इस अवसर पर नराकास (कार्यालय-2) द्वारा संयुक्त रूप से प्रकाशित राजभाषा पत्रिका ‘शंखनाद’, अंक-1, 2025 का औपचारिक विमोचन अध्यक्ष महोदय द्वारा किया गया।
बैठक के दौरान सदस्य सचिव एवं निदेशक (राजभाषा) ओम प्रकाश ने 1 अप्रैल 2025 से 30 सितम्बर 2025 की अवधि के लिए सभी सदस्य कार्यालयों द्वारा भेजी गई राजभाषा प्रगति रिपोर्टों की समीक्षा पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से की। समीक्षा में हिंदी के प्रयोग, पत्राचार, प्रशिक्षण, शब्दावली उपयोग एवं विभिन्न राजभाषा कार्यक्रमों में भागीदारी से संबंधित उपलब्धियाँ प्रमुख रहीं।
राजभाषा के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए 24 सदस्य कार्यालयों को स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। अध्यक्ष महोदय ने इन कार्यालयों के कार्यों की सराहना करते हुए अन्य कार्यालयों से भी वार्षिक लक्ष्यों के अनुरूप हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने एवं सतत प्रगति सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
अतिथि छबिल कुमार मेहेर ने कहा कि केंद्र सरकार के कार्यालयों में राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में नराकास (कार्यालय-2), लखनऊ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि अन्य समितियों की तुलना में यह समिति राजभाषा प्रगति के आँकड़ों को बेहतर और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत कर रही है, जिसकी सराहना की जानी चाहिए।