वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। सड़क सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में होंडा इंडिया फाउंडेशन ने ‘सड़क सहायक: सुरक्षित मार्ग, सुरक्षित जीवन’ परियोजना के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस को 50 कस्टमाइज़्ड होंडा सीबी350 क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) वाहन सौंपे। यह पहल राज्य में सड़क सुरक्षा, सामुदायिक कल्याण और तेज आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से की गई है।
होंडा इंडिया फाउंडेशन, जो भारत में होंडा समूह की सभी कंपनियों की कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) शाखा है, सुरक्षित समुदायों के निर्माण और वर्ष 2050 तक टक्कर-मुक्त समाज के वैश्विक लक्ष्य की दिशा में कार्य कर रही है। इसी कड़ी में यह पहल की गई है, जिससे पुलिस बल की जमीनी स्तर पर गतिशीलता बढ़ेगी और आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। इससे पहले सड़क सुरक्षा पहलों को मजबूत करने के लिए होंडा इंडिया फाउंडेशन द्वारा गुजरात, चंडीगढ़, कर्नाटक और राजस्थान पुलिस को 300 से अधिक क्यूआरटी वाहन सौंपे जा चुके हैं। यह सहयोग सार्वजनिक-निजी साझेदारी के माध्यम से सुरक्षित सड़कों और बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वाहनों के औपचारिक हस्तांतरण का कार्यक्रम लखनऊ के लोक भवन में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुख्य सचिव एस.पी. गोयल, गृह एवं सूचना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (लॉजिस्टिक्स) राम कुमार और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं होंडा इंडिया फाउंडेशन के सलाहकार और होंडा कार्स इंडिया लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट (कॉर्पोरेट अफेयर्स) पीयूष मित्तल तथा होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
होंडा सीबी350 पर आधारित ये क्यूआरटी वाहन रिवॉल्विंग फ्लैशर और ब्लिंकर, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, सायरन, फ्लैशलाइट, साइड और रियर स्टोरेज बॉक्स तथा दो होंडा सेफ्टी हेलमेट से सुसज्जित हैं। इन सुविधाओं से पुलिस टीमों को घनी आबादी और संवेदनशील क्षेत्रों में तेजी से पहुंचकर प्रभावी कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार इन वाहनों से आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली मजबूत होगी और कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी ढंग से संभालने में सहायता मिलेगी।