वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। अकबर नगर से बसंतकुंज योजना में विस्थापित किए गए लोगों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब की अध्यक्षता में एक विशेष चौपाल का आयोजन किया गया। यह चौपाल बसंतकुंज योजना परिसर में आयोजित की गई, जिसमें लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार, सचिव विवेक श्रीवास्तव, महिला कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और डूडा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि डूडा और लाइट संस्था द्वारा पुनः सर्वेक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी वेंडरों को पीएम स्वनिधि योजना से जोड़ा जाए और उन्हें वेंडिंग जोन में स्थापित किया जाए। साथ ही, उन्हें मुद्रा योजना, हथकरघा, डूडा व श्रम विभाग की योजनाओं से जोड़ते हुए आवश्यक प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना सहित विभिन्न योजनाओं में विस्थापित परिवारों को प्राथमिकता दी जाए और उन्हें आजीविका के लिए प्रशिक्षित किया जाए। चौपाल के दौरान बसंतकुंज योजना के निवासियों ने मंडलायुक्त को पानी की आपूर्ति में अनियमितता, सीवर चेंबर जाम होने, कॉलोनी की सफाई और नियमित कूड़ा उठान न होने जैसी समस्याओं से अवगत कराया। इस पर मंडलायुक्त ने सभी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने बसंतकुंज में एक स्थायी कंट्रोल रूम स्थापित करने के भी आदेश दिए, जिससे नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि अब तक 17 लोगों को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया जा चुका है और श्रम विभाग द्वारा 90 श्रम कार्ड बनाए गए हैं। इस पर मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि पंजीकृत श्रमिकों को निर्माण कार्यों या चौकीदारी जैसे उपयुक्त कार्यों में लगाया जाए। इसके अलावा, सिटी ट्रांसपोर्ट विभाग को निर्देशित किया गया कि वह बसंतकुंज योजना में एक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करे, ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिल सके। मंडलायुक्त ने यह भी कहा कि डूडा विभाग द्वारा योजना में बनाए गए दुकानों का स्थानीय स्वयं सहायता समूहों को आवंटन किया जाए, जिससे न केवल रोजमर्रा की आवश्यकताओं की पूर्ति स्थानीय स्तर पर हो सके, बल्कि रोजगार के अवसर भी विकसित हों।
उन्होंने चौपाल के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र में रह रहे लोगों का सर्वेक्षण कर यह पता लगाया जाए कि कौन-कौन से लोग मैकेनिक, इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर, टेलर, मोबाइल रिपेयर, सोलर मैकेनिक, जिम ट्रेनर व कारपेंटर जैसे कार्यों में दक्ष हैं और उन्हें प्रशिक्षित कर कार्य उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने रोजगार को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
मंडलायुक्त ने यह भी घोषणा की कि बसंतकुंज योजना में रह रहे लोगों को आवश्यक दस्तावेजों जैसे कि आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और राशन कार्ड बनवाने के लिए तीन दिवसीय विशेष कैंप का आयोजन किया जाएगा, ताकि मूलभूत सुविधाओं की आसान पहुँच सुनिश्चित की जा सके।
यह चौपाल विस्थापित लोगों के जीवन में स्थिरता और आत्मनिर्भरता लाने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें शासन और प्रशासन मिलकर जनहित में ठोस कदम उठा रहे हैं।