वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में न्यूरोसिस्टिसरकोसिस के निदान को लेकर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इंडियन एकेडमी ऑफ ट्रॉपिकल पैरासिटोलॉजी के तत्वावधान में माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा 30 और 31 जनवरी, 2026 को “न्यूरोसिस्टिसरकोसिस के लेबोरेटरी डायग्नोसिस” विषय पर यह कार्यशाला आयोजित होगी।
ज्ञात हो कि न्यूरोसिस्टिसरकोसिस विश्व स्तर पर मिर्गी के प्रमुख कारणों में से एक माना जाता है, जो सेंट्रल नर्वस सिस्टम में टीनिया सोलियम के लार्वा संक्रमण से उत्पन्न होता है। कार्यशाला का उद्देश्य इस रोग के सटीक निदान और प्रभावी प्रबंधन से जुड़े ज्ञान को मजबूत करना है। इसमें स्नातकोत्तर छात्रों, सीनियर रेजिडेंट्स और कनिष्ठ संकाय सदस्यों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। कार्यशाला के दौरान माइक्रोस्कोपी, सीरोलॉजिकल परीक्षण और आणविक तकनीकों सहित आधुनिक प्रयोगशाला निदान विधियों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही क्लिनिकल केस आधारित इंटरएक्टिव सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों की निदान क्षमता को और सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे वास्तविक परिस्थितियों में रोग की पहचान और उपचार को बेहतर बनाया जा सके।
यह कार्यशाला संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) सी. एम. सिंह और डीन प्रो. (डॉ.) प्रद्युम्न सिंह के संरक्षण में आयोजित होगी। इंडियन एकेडमी ऑफ ट्रॉपिकल पैरासिटोलॉजी के अध्यक्ष एवं जिपमर, पुडुचेरी के पूर्व निदेशक प्रो. (डॉ.) एस. सी. परिजा मुख्य अतिथि होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता माइक्रोबायोलॉजी विभाग की अध्यक्ष प्रो. ज्योत्सना अग्रवाल करेंगी। देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से विशेषज्ञ संसाधन संकाय के रूप में भाग लेंगे, जिससे यह कार्यशाला अकादमिक और व्यावहारिक दृष्टि से अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।