वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
दिल्ली। राजधानी की महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुगम और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली सरकार ने सोमवार को ‘पिंक सहेली कार्ड’ लॉन्च कर दिया। इस कार्ड के जरिए अब डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा के लिए कागजी पिंक टिकट की आवश्यकता नहीं होगी। यह एक स्मार्ट कार्ड होगा, जिसका उपयोग बसों के साथ-साथ मेट्रो में भी किया जा सकेगा। योजना की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक विशेष कार्यक्रम में की।
सरकार के अनुसार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया सरल और पूरी तरह निःशुल्क होगी। दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में करीब 50 केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जो जिला मजिस्ट्रेट, एसडीएम कार्यालयों और डीटीसी के चयनित स्थानों पर संचालित होंगे। प्रत्येक कार्ड को आधार कार्ड और मोबाइल नंबर से जोड़ा जाएगा, जिससे लाभार्थी की पहचान और पात्रता सुनिश्चित की जा सके।
यह डिजिटल व्यवस्था ‘टच-फ्री’ यात्रा को बढ़ावा देगी। बस में चढ़ते समय कार्ड मशीन पर टैप करते ही टिकट दर्ज हो जाएगा। दिल्ली की निवासी महिलाएं और ट्रांसजेंडर इस कार्ड से डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। वहीं, मेट्रो और रैपिड रेल में सफर के लिए कार्ड में राशि रिचार्ज करानी होगी, लेकिन अलग कार्ड रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सरकार तीन रंगों के कार्ड जारी करेगी। महिलाओं और ट्रांसजेंडर के लिए पिंक कार्ड, आम यात्रियों के लिए ब्लू कार्ड और मंथली पास धारकों के लिए ऑरेंज कार्ड उपलब्ध होगा। कार्ड से जुड़ी जानकारी के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल और गाइड मैनुअल भी जारी किया गया है। नई व्यवस्था से सफर अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और तकनीक आधारित हो जाएगा।