– सौभाग्य-शोभन और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग
– राखी बांधते समय तीन गांठ लगाना शुभ होता है
– भद्रा काल से पूरी तरह मुक्त
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। देशभर में भाई-बहन के स्नेह और वचनबद्धता का पर्व रक्षाबंधन आज, शनिवार 9 अगस्त को मनाया जाएगा। इस बार श्रावण मास पूर्णिमा तिथि पर पड़ने वाला यह त्योहार भद्रा काल से पूरी तरह मुक्त रहेगा, जिससे बहनों को सुबह से ही भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने का अवसर मिलेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस साल रक्षाबंधन पर सौभाग्य योग, शोभन योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है, जो पर्व की महत्ता और बढ़ा देगा। रक्षाबंधन केवल एक रस्म नहीं, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते में विश्वास, सुरक्षा और स्नेह का प्रतीक है। इस दिन बहनें राखी बांधकर भाइयों की लंबी उम्र और खुशहाली की दुआ करती हैं, और भाई जीवनभर उनकी रक्षा का वचन देते हैं। इस बार का रक्षाबंधन योगों के विशेष संयोग के साथ और भी शुभ और मंगलकारी माना जा रहा है।
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 9 अगस्त को सुबह 5 बजकर 47 मिनट से शुरू होकर दोपहर 1 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। यानी कुल 7 घंटे 37 मिनट का समय शुभ माना गया है। इस दौरान बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकती हैं और उनके सुख, समृद्धि और लंबी उम्र की कामना कर सकती हैं।
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रक्षाबंधन के दिन स्नान करके साफ-सुथरे वस्त्र पहनें। पूजा की थाली में रोली, चंदन, अक्षत, दही, राखी, मिठाई और एक घी का दीपक रखें। पहले भगवान की पूजा करें, फिर भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठाएं। भाई-बहन दोनों के सिर ढके होने चाहिए—बहन के सिर पर चुनरी और भाई के सिर पर साफ वस्त्र या रुमाल होना शुभ माना जाता है। इसके बाद भाई के माथे पर अनामिका उंगली से तिलक लगाएं, जिसे अंगूठे से माथे के ऊपर तक खींचें। तिलक पर अक्षत लगाकर भाई की लंबी उम्र की कामना करें। राखी बांधते समय तीन गांठ लगाना शुभ होता है। पहली गाँठ में लंबी आयु की कामना, दूसरी में जीवनभर रक्षा का प्रण, और तीसरी में रिश्ते में मधुरता की प्रार्थना। इसके बाद आरती करें, मिठाई खिलाएं और माता-पिता व गुरु का आशीर्वाद लें। भाई अपनी बहन को सामर्थ्य अनुसार उपहार दें, जो मंगलकारी हो।