वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
नई दिल्ली। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज़ आलम ने जम्मू-कश्मीर सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा कश्मीर पर केंद्रित 25 किताबों पर प्रतिबंध लगाने के फैसले को तानाशाही करार देते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है।
शाहनवाज़ आलम ने कहा कि ए.जी. नूरानी, अरुंधति रॉय और अनुराधा भसीन जैसे लेखकों की विश्वस्तरीय किताबों को भड़काऊ बताकर बैन करना साबित करता है कि मोदी सरकार कश्मीर मुद्दे पर ऐतिहासिक और तथ्यात्मक विश्लेषणों को छुपाना चाहती है। उन्होंने चेतावनी दी कि आज किताबों पर रोक लगी है, कल संविधान पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है, क्योंकि संविधान की मूल भावना आरएसएस की विचारधारा के खिलाफ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार एलजी के जरिए कश्मीर को नियंत्रित कर अशांति फैलाने की रणनीति अपना रही है, जिससे पाकिस्तान को फायदा होगा। आलम के मुताबिक, यह निर्णय विश्व समुदाय में भारत की छवि को नुकसान पहुंचाएगा और यह संदेश देगा कि कश्मीर मुद्दे पर भारत अभिव्यक्ति की आज़ादी का दमन कर रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय दुनिया भारत के साथ खड़ी रहती थी, लेकिन मोदी सरकार में हालात उलट गए हैं।