वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में पुलिस की दबिश के दौरान हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के कटरा विधानसभा क्षेत्र के जोन प्रभारी सत्यभान (50) की मंगलवार रात छत से गिरने के बाद मौत हो गई। मरने से पहले सड़क पर पड़े सत्यभान ने एक वीडियो में कहा, “दरोगा ने मुझे छत से धक्का दिया, मेरी कमर टूट गई है।” यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।
घटना मौजमपुर गांव की है, जहां पुलिस सत्यभान के बेटे अभिषेक की तलाश में दबिश देने पहुंची थी। अभिषेक पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज था, जबकि परिजनों का कहना है कि वह बाहर काम करता है और घटना के समय घर पर नहीं था। इसी दौरान कथित रूप से दरोगा राहुल सिसौदिया ने सत्यभान को छत से धक्का दे दिया, जिससे वे नीचे सड़क पर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए।
वीडियो में सत्यभान दर्द से कराहते हुए कहते नजर आते हैं — “दरोगा ने बहुत गालियां दीं और धक्का दे दिया, मेरी कमर टूट गई।” आठ घंटे तक तड़पते रहे सत्यभान को देर रात अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों ने वीडियो को सबूत बताते हुए दरोगा और एक सादे कपड़ों में आए व्यक्ति पर हत्या का आरोप लगाया। परिजनों के हंगामे के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या और एससी/एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है। मृतक की पत्नी रेखा देवी ने आरोप लगाया कि दरोगा उनके बेटे से नाम निकालने के लिए डेढ़ लाख रुपये की मांग कर रहा था। अनुसूचित समाज से होने के कारण परिवार को लगातार परेशान किया गया। उन्होंने कहा, “हमने पुलिस से कई बार कहा कि चार्जशीट दाखिल करें, हम बेटे को कोर्ट में हाजिर कर देंगे, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।”
मामले के बढ़ने पर एसपी शाहजहांपुर ने सीओ सिटी पंकज पंत को मौके पर भेजा। उन्होंने परिजनों की पूरी बात सुनी और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। सीओ ने कहा, “दोषी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। मामले की जड़ तक पहुँचकर कार्रवाई की जाएगी।” सत्यभान की मौत की खबर मिलते ही बसपा जिलाध्यक्ष उदयवीर सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुँचे और कार्रवाई की मांग की। देर रात पंचनामा की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
घटना से गांव में गहरा शोक व्याप्त है। सत्यभान की पत्नी रेखा देवी और मां रीता देवी अपने बेटे और पति के शव को देखकर बिलख पड़ीं। परिवार ने कहा, “अब न्याय ही हमारी आखिरी उम्मीद है।”