वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
मथुरा। बरसाना की रंगीली गली बुधवार को आस्था, प्रेम और उल्लास के रंग में सराबोर नजर आई। राधारानी की नगरी में विश्व प्रसिद्ध लठामार होली का आयोजन पारंपरिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ। जैसे ही नंदगांव के हुरियारे रंगीली गली पहुंचे, बरसाना की हुरियारिनों ने लाठियों के साथ उनका स्वागत किया और ढालों पर पड़ती लाठियों की गूंज के बीच होरी के रसिया वातावरण में गूंज उठे।
गगनभेदी जयकारों और राधे-राधे के उद्घोष से पूरा बरसाना भक्तिरस में डूबा दिखाई दिया। मंदिरों से लेकर रंगीली गली तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। ऊंची छतों और भवनों पर खड़े लोग इस अलौकिक दृश्य को निहारते रहे। ढालों पर बरसती लाठियां और उड़ता गुलाल सदियों पुरानी परंपरा को सजीव करता नजर आया। श्रद्धालु इसे राधारानी की लीला मानकर भावविभोर हो उठे। इस बार लठामार होली का दृश्य और भी भव्य रहा। नंदगांव के हुरियारों के स्वागत में हेलीकॉप्टर से गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा की गई। आसमान से बरसती पंखुड़ियों ने पूरे माहौल को और अधिक भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने इस अद्भुत पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया और इसे राधारानी की कृपा बताया।
रंगीली गली में रंग और गुलाल की ऐसी बौछार हुई कि पूरा क्षेत्र लाल, गुलाबी और पीले रंग में रंगा नजर आया। भक्त परिक्रमा करते, नाचते-गाते और एक-दूसरे पर गुलाल उड़ाते दिखाई दिए। कई श्रद्धालुओं ने रंगीली गली की मिट्टी और गुलाल को प्रसाद मानकर अपने साथ ले जाया। देर शाम तक उल्लास का वातावरण बना रहा। लठामार होली के समापन पर जयकारों के बीच श्रद्धालु लौटे, जिनके चेहरों पर थकान जरूर थी, लेकिन आंखों में दिव्य दर्शन की चमक साफ झलक रही थी।