वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
वाराणसी। गंगा की लहरों के ऊपर जब राफेल, सुखोई और स्वदेशी तेजस ने गर्जना की तो काशी का आसमान भारतीय वायुसेना के शौर्य और पराक्रम का गवाह बन गया। सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के रोमांचक करतबों और हेलीकॉप्टरों की सटीक उड़ान ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर रविवार को आयोजित ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने वायु शक्ति का प्रदर्शन देखा।
कार्यक्रम में सारंग हेलीकॉप्टर टीम के समन्वित करतबों से शुरुआत हुई। इसके बाद एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टरों की ‘ओंकार’ फॉर्मेशन ने राष्ट्रीय ध्वज के साथ उड़ान भरी, जबकि चेतक हेलीकॉप्टरों की ‘गंगा’ फॉर्मेशन ने पुष्पवर्षा कर काशी की आध्यात्मिक विरासत को नमन किया। सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, जगुआर और राफेल जैसे लड़ाकू विमानों की फॉर्मेशन ने वायुसेना की युद्धक क्षमता और सटीक उड़ान कौशल का प्रदर्शन किया। ग्रुप कैप्टन अजय दशरथ के नेतृत्व में नौ हॉक विमानों की टीम ने अनुशासित और समन्वित उड़ान से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। स्वदेशी तेजस के एकल प्रदर्शन ने विशेष आकर्षण पैदा किया। विमान ने तीव्र मोड़, नियंत्रित घुमाव और चुनौतीपूर्ण हवाई करतबों से दर्शकों की तालियां बटोरीं।
प्रदर्शन में परिवहन विमानों, हवाई निगरानी प्रणालियों और हवा में ईंधन भरने की क्षमता का भी परिचय दिया गया। विभिन्न विमानों की संयुक्त फॉर्मेशन ने आधुनिक हवाई अभियानों में आपसी तालमेल और त्वरित निर्णय की अहमियत दिखाई। कार्यक्रम में ऑपरेशन बालाकोट और ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख हुआ।
समारोह का समापन सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के नौ हॉक विमानों के शानदार प्रदर्शन के साथ हुआ। टीम ने आसमान में आकर्षक आकृतियां बनाकर अपनी सटीकता, अनुशासन और पेशेवर दक्षता का परिचय दिया। एयर शो ने स्वदेशी रक्षा तकनीक, सैन्य तैयारियों और राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति वायु योद्धाओं के समर्पण को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, भारतीय सेनाओं के अधिकारियों समेत कई विशिष्ट अतिथिगण भी उपस्थित रहे।