– “वोट चोरी” के मुद्दे के बाद अब “घुसपैठिया”
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच घुसपैठिया मुद्दे पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पलटवार करते हुए इसे देवभूमि के स्वाभिमान से जोड़ दिया। धामी ने कहा कि उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहना उनके सम्मान और बलिदान का अपमान है।
धामी ने अपने बयान में मुलायम सिंह यादव के काकाल में हुए रामपुर तिराहा कांड का भी जिक्र किया। उन्होंने इस घटना की याद दिलाते हुए विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उनके बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर बहस तेज होने के संकेत हैं।
वहीं, पीलीभीत में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर बड़ी कार्रवाई का दावा भी चर्चा में है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में कार्रवाई की प्रकृति, संबंधित अधिकारियों और गड़बड़ी के विवरण का उल्लेख नहीं है। चुनाव नजदीक आने के साथ मतदाता सूची, घुसपैठ और क्षेत्रीय अस्मिता जैसे मुद्दे राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन रहे हैं। ऐसे में नेताओं के बयानों के साथ-साथ मतदाता सूची से जुड़े आरोपों और कार्रवाई के तथ्यों की पुष्टि भी महत्वपूर्ण है। हांलाकि सपा चुनाव आयोग में लगातार अपना विरोध दर्ज़ करा रहा है।